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Chetavani-Pad-Sangrah-142 Gita press जिससे यह भक्तों और साधकों

Chetavani-Pad-Sangrah-142 Gita press जिससे यह भक्तों और साधकों, , , , , ,

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Description

जिससे यह भक्तों और साधकों के लिए एक मूल्यवान साधन बन गया है। गीता प्रेस का उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक साहित्य का प्रचार करना और पाठकों को गहन आध्यात्मिक ज्ञान से सुसज्जित करना है।

मंत्रोच्चारण

जो भक्तों के जीवन में दिव्य हस्तक्षेप को दर्शाते हैं।भाई जी ने सरल और स्पष्ट भाषा में यह बताया है कि कैसे ईश्वर की कृपा से जीवन में कठिनाइयों का सामना किया जा सकता है और कैसे भक्ति से आत्मिक उन्नति संभव है। यह पुस्तक पाठकों को विश्वास और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है

कैसे उन्होंने इस असाधारण रिश्ते को बनाए रखा और कैसे कन्हाई ने भी इसे बनाए रखा। श्रीमती बाल चंद्रिका पाठक( मुन्नी जीजी) और श्रीमती सौभाग्या कुंवर राणावत उनके बहुत क़रीबियों में से है ।उनकी सशक्त लेखनी को पढ़कर कभी-कभी लगता है कि हम चक्रजी के अपने शब्दों को पढ़ रहे हैं। श्री चक्र जी के बारे में हम सब जान सके उसके लिए इन्होंने बहुत मेहनत की है।

भागवत स्तुति संग्रह गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है

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